गुरुवार, 12 मार्च 2009

अपनी भाषा अपनी पहचान

"संघे शक्ति कलयुगे"
१ मार्च २००९ को खानपुर में आयोजित मैथिली भोजपुरी कवि सम्मलेन में जन प्रिये विधायक डॉ. गुप्ता ने कहा कि “मैंने इस क्षेत्र के निवासियों की कुछ ख़ास विषेस्ताये देखी है ,जो भी लोग वाहर से आये उन सभी में परस्तिथीयो से लड़ने की आदभुद क्षमता देखी, मित्रो ! मै भी आप ही की तरह एक दिन अपना गाव छोड़ इस शहर में आया था क्योकि मेरे अदंर भी लड़ने की ताकत थी,मै अपने उन गाववालो से थोडा कुछ वेहतर रहा होगा,तब में वहा से छोड़ के भाग के आया और जैसे मै आया वैसे आप भी मेरे तरह आये होगे कुछ करने और कुछ बनने की चाह आपके यहाँ लाई,इसलिए यहाँ पर बैठा हर व्यक्क्ती अपने आप में एक लीडर है और उन्हें मै बोलूगा कि वे पैदायसी लीडर है तभी वे अपनों को छोड़ यहाँ पर है जैसा कहते है कि "संघे शक्ति कलयुगे" कलयुग में संगठित रहने में ही हमारी ताकत है आप से एक वादा मै लेना और देना चाहता हु आप चाहे, मैथिली, भोजपुरी, बंगाली,बुन्देली,पहाडी राजस्तानी या जो भी भाषा-भाषी या क्षेत्रवासी हो इतना तय कर लीजिये कि आप अपनी भाषा अपनी पहचान को बनाये रखे, और इसे सहेजे और सहेजने की प्रेरणा आने वाली पीडियों को दे” .................
स॑योजक- हरदयाल कुशवाहा
''बुन्देली बुलंद भबिष्य का प्रबंध''
बुन्देली थाती लोक कला स॑स्क्रति विकास परिषद